हर इंसान सुबह जगाता है तो सूरज देखने की जगह पहले मोबाइल ही देखता है इसके अलावा दिन भर हमारा कंप्यूटर ,टीवी .रेडियो .तथा और भी मीडिया के उपकरण का उपयोग करते रहते है .हमने अपने शरीर को एक मशीन की तरह बना लिया है और ये आगे वाले वक़्त के लिए तन मन दोनों के लिए घातक होगा .अगर हिसाब निकाला जाये तो हर दिन हम करीब १.३ लाख शब्दों की प्रोसेसिंग कर रहे है.यानि कि कुल पर सेकंड ३५ शब्द,,.इस हिसाब अब हमारा दिमाग रोज ३८ GB के डाटा का प्रोसेसिंग करता है .और यह प्रोसेसिंग अपने दिमाग के कार्य को ओवरलोड कर रहा है और हमें कुछ भी नहीं पता चल पा रहा है .कि हम आसपास कि दुनिया से कट रहे है हमारी सोचने विचार कि शक्ति दिन बा दिन घटती जा रही है तथा गहराई से सोचने की ताकत घट गयी है यदि हम आज कुछ भी अंको को जोड़ घटाना चाहे तो मन से न करके कैलकुलेटर का उपयोग करना पड़ रहा है मानव में सबसे घातक असर दिमाग का विकास का रुकना है पहले के काल हमारा दिमाग लगातार विकसित होता गया लेकिन आगे क्या होगा हम नहीं जानते लेकिन इतना तय है कि करीब पचास साल बाद इंसान जीता जागता रोबोट ही होगा...
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Basically I love life and I love living life and enjoy the traveling, share marketing, smileing to cultural events, and socializing with quality people. Its just better living and sharing life with someone else
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Monday, 5 August 2013
Processing of mind
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साइंस
Sunday, 24 March 2013
Tuesday, 18 December 2012
पृथ्वी और क़यामत
इन्सान ने जन्म लिया है तो उसे ख़तम होना ही है .इसी प्रकार पृथ्वी का उद्भव हुआ है तो वो भी नष्ट होगी लेकिन दुनिया का अन्त कैसे होगा ? सवाल आज भी है जब से मानव ने तरक्की की है .जब से वह क़यामत के दिन को ही सोचता है उसके ख्याल मैं हमेशा यही आता है कि क्या विनाशलीला होगी .भुकम्प,बाढ़ बीमारी आग या कोई आकाशिए प्रलय होगी .इसी तरह कई बार पृथ्वी के विनाश कि भविष्यवाणी कि गई थी ,लेकिन हर बार एक कल्पना ही साबित रही। १९०० से २०१२ तक कि कुछ .भविष्यवाणी इस तरह से रही जो कि हमेशा ही काल्पनिक ही साबित हुई. साथ ही २१दिसम्बर 2012 तारिख को मैं कल्पना मानती हु....कुछ और भी इस तरह की भविष्यवाणी थी ...
(1). हेली धूमकेतु =१९१० मैंने एक बड़ा धूमकेतु पृथ्वी के नजदीक से गुजरा जिससे कई देशो के लोगो ने यकीन कर लिया की धूमकेतु की पूंछ से जहरीली गैस का रिसाब होगा और इससे पृथ्वी का वातावरण प्रदुषित होगा और दुनिया नष्ट हो जाएगी
(2) बाढ़ =५ मई २००० एक लेखक रिचड नून ने भविष्यवाणी की इस दिन सभी ग्रह एक सीध मैं होगे इससे .पृथ्वी...कि बरफ पिघलने लगेगी और सारी दुनिया मैं बाढ़ आ जाएगी और दुनिया नष्ट हो जाएगी
(3).Y2K बग =१९ सदी समाप्त हो रही थी तब भी अजीब से डर ने लोगो को डराया डर था Y2K बग का. कम्प्यूटर घड़ियों में वर्ष दिखाने के लिए दो अंको का इस्तेमाल होता है और 99 के बाद यदि वर्ष 00 हो गए तो क्या होगा? इस सवाल के कई जवाब हुए . दुनिया की सारी संचार व्यवस्था खत्म हो जाने की कल्पना की गई. सारी प्रणाली खत्म हो जाने के बाद दुनिया के विनाश तक की कल्पना की गई. थी .
(4).बिग बेंग =सितम्बर 2009. मैं वैज्ञानिक बिंग बेंग की व्याख्या को धरती पर परिभाषित करने के लिए एक्सपेरिमेंट करने वाले थे . Large Hadron Collider से विकिरणों को आपस में टकराया जाना था जिससे ब्लैक हॉल का निर्माण होता. लेकिन परिक्षण तकनीकी कारणों से आगे खिसक गया लेकिन उससे पहले कई लोगों ने दुनिया के विनाश की कल्पना कर ली थी. अभी कुछ साल पहिले इसका सफलता पूर्वक प्रयोग किया गया और एक्सपेरिमेंट अभी भी चल रहे है लेकिन दुनिया का कोई विनाश नहीं हुआ
(5)21 दिसम्बर 2012=माया कैलेंडर के अनुसार 2012 में दुनिया का विनाश होता है. माया संस्कृति 300 AD से लेकर 900 AD तक मध्य अमेरिका में विकसित हुई थी.इसका स्थान आज मैक्सिको देश के रूप में जाना जाता है. माया संस्कृति के लोग ज्योतिष मैं माहिर थे. उनके द्वारा विकसित लोंग काउंट कैलेंडर 3114 BC से शुरू होता है. इस कैलेंडर के हिसाब से 394 वर्षों के समय को एक बकतुन माना जाता है. माया संस्कृति के लोग 13 के आँकड़ॆ को बहुत महत्व देते थे और 13वाँ बकतून 21 दिसम्बर 2012 के आसपास समाप्त होता है. लोग मानते हैं कि उस दिन आकाश में कोई ऊल्का गिरेगी जो तबाही मचाएगी? लेकिन 21 दिसम्बर 2012 आने में कुछ दिन बाकी है. लेकिन यह भविष्यवाणी भी कल्पना ही साबित होगी ऐसा अनुमान है.
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Saturday, 15 December 2012
बिल्ली और मौत
हमारे शास्त्रों के अनुसार बिल्ली को अशुभ माना जाता है यह सही है या गलत मैं नहीं जानती और मानती भी नहीं ,लेकिन एक बिल्ली की काफी चर्चा है...,दरसअल एक नर्सिंग होम मैं आस्कारी नाम की बिल्ली को मौत का अहसास हो जाता है यह बिल्ली जिस मरीज के पास जाकर सूंघकर वही बैठ जाती है. उस मरीज को करीब सात घंटे के बाद मौत हो जाती है ये घटना करीब तीस बार से अधिक हो चुकी है साइंस के अनुसार बिल्ली की फिजिकल बायोलोजिकल के कारण हो रहा रहा है जो की मरीज के ख़तम हो जाने वाली नर्वस सिस्टम को जान जाती है.. लेकिन जो भी हो कम से कम के कारण मरीज के परिवार वाले आखरी समय मैं मरीज के साथ ही रहते है इसके लिए वे बिल्ली को मानते भी है .
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Saturday, 8 December 2012
शराब
मेरे मुहल्ले में दो लोग है जो जायदा शराब पीते है .वे लोग शराब का नाम सुनते ही सारा कामधाम छोड़कर पीने को जुट जाते है ,कभी आपने ख्याल किया है की कुछ को पिलाए जाओ उन्हें कुछ होगा नहीं और कुछ लोग एक पेग मैं भी माशा अल्ला सारी दुनिया के मालिक बन जाते है,
शोध करने बालो ने जान लिया है कि कुछ लोगो के शरीर मैं खास तरह कि जीन जो कि RASGRF-2 नाम का है आरएएसजीआरएफ़-2 जीन शराब पीने के बाद मस्तिष्क से निकलने वाले डोपामाइन को नियंत्रित करता है और इससे इंसान आनंद का अनुभव करता है.आपके शरीर मैं ये जीन जितना जायदा एक्टिव है उतना ही आपको को पीने की लत पड़ने की आशंका होगी,तब आप नंबर १ के पियक्कड़ बन जायगे
इस खोज से चिकित्सकों को नई दवा विकसित करने में भी मदद मिलेगी.की जीन टेस्ट के द्वारा इस जीन को के प्रभाव को खत्म या कमजोर तो कर सकते ही है जिससे इंसान को पीने की इच्छा नहीं होगी, और शराबखोरी पर अंकुश लगाया जा सकता है शायद हमारे मुहल्ले के दोनों लोग भी इन के साइड इफक्ट से बच जाये
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